चपल नयन ,चित चोर ,मखान चोर 

चपल नयन ,चित चोर ,मखान चोर 
अधर मुस्कान ज्यों दमकत "दामिनी"

लट घुन्घराली ,ज्यों नागिन सी प्रतीत होत ,
सिर मोर मुकुट पंख ज्यों,चंद्र आकार में बांधि लई 'दामिनी'

कान सोहे कुन्डल ,अधर ज्यों सूर्य लालिमा ,
अधर मुस्कान, ज्यों दमके दामिनी'

कण्ठ सोहे हार ज्यों,मनमोहक लताएं होत,
तन पीतांबर सोहे ,ज्यों दमकत 'दामिनी

हस्त सोहे बांसुरी सों,यों मधुर तान देत,
ज्यों गरजत मेघ संग ,मधुर गान करे दामिनी

दूजे हस्त सोहे तेज चक्र ज्यों ,
पल में प्रचंड वेग संहार करे 'दामिनी'

पग सोहे घुंघरूं संग,यों रास नृत्य करे,
ज्यों गगन से धरती पर उतार लई 'दामिनी '

पग धरे पग ऊपर ,टेडो यों खडो होत,
तेज रंग रूप देख कृष्ण को,कृष्णदास भई' दामिनी'।
✍दामिनी चतुर्वेदी

Damini Chaturvedi